What is metaverse and how close this virtual environment is to the real life

Spread the love

[ad_1]

नई दिल्ली. पिछले कई दिनों से मेटावर्स (Metaverse) शब्द की बहुत चर्चा हो रही है. यहां तक कि फेसबुक (Facebook) कंपनी का नाम भी अब मेटा (Meta) हो गया है. तमाम बड़ी टेक कंपनियां मेटावर्स के विस्तार पर बात कर रही हैं. लेकिन ये मेटावर्स (Metaverse) है क्या? आपके जीवन पर ये किस तरह से असर डाल सकता और यह आपके किस काम का है? इस बारे में आपको अवश्य पता होना चाहिए.

मेटावर्स को समझने के लिए थोड़ा हटकर सोचना पड़ेगा. आज से कुछ समय बाद जब इंटरनेट हमारी जिंदगी का अटूट हिस्सा बन जाएगा तो तमाम काम मेटावर्स में होंगे. मेटावर्स मतलब वर्चुअल इन्वायरमेंट (Virtual Environment). मार्क ज़करबर्ग ने इसके बारे में कहा था- “इंटरनेट पर मौजूद ऐसा इन्वायरमेंट, जिसके भीतर आप प्रवेश कर सकें, न कि सिर्फ स्क्रीन पर देखकर.” जहां दूर-दूर (यहां तक कि दूसरे देशों में) बैठे लोग एक-दूसरे से जुड़ी वर्चुअल कम्यूनिटीज़ में आपस में मिल पाएं, काम कर पाएं या फिर खेल पाएं. सुनने में थोड़ा अटपटा लग सकता है लेकिन वर्चुअल रियलिटी हैडसेट्स (Virtual Reality Headsets), आर्ग्यूमेंटेड रियलिटी ग्लासेज़ (Augmented Reality Glasses), स्मार्टफोन्स और कुछ अन्य उपकरणों के माध्यम से ये सब संभव हो सकता है.

ये भी पढ़ें – क्या होता है NFT और कैसे करता है काम? जानिए अपने हर सवाल का जवाब

आप एक बार सोचिए, जिसे समझने और समझाने में इतनी दिक्कत है, ऐसे काम को करना कतई आसान नहीं होगा. परंतु कहा जाता है कि आपकी सोच जहां तक जा सकती है, कंप्यूटर और इंटरनेट की दुनिया में वह सब किया जा सकता है. आपकी सोच को हकीकत में उतारना संभव है.

दलेर मेहंदी का कार्यक्रम
इस गणतंत्र दिवस पर दलेर मेहंदी (Daler Mehndi) ने मेटावर्स पर एक मेटावर्स कॉन्सर्ट किया और इस तरह वे ऐसा करने वाले भारत के पहले गायक बन गए. हालांकि कई अंतरराष्ट्रीय गायक मेटावर्स पर पहले ही परफॉर्म कर चुके हैं. दलेर मेहंदी ने पार्टी नाइट (Party Nite) में अपना ये प्रोग्राम किया, जोकि भारत का पहला मेटावर्स स्पेस है.

मेटावर्स साइट पार्टी नाइट (Party Nite) के अनुसार, पार्टी नाइट ब्लॉकचेन द्वारा संचालित एक डिजिटल पैरेलल प्लेस है, जहां पर लोग कस्टमाइजेबल अवतार में अपने दोस्तों के साथ घूमने के अलावा नए लोगों से मिल सकते हैं या पार्टियों और प्रोग्राम में शामिल हो सकते हैं.

बिलकुल असली जिंदगी जैसी होगी लाइफ
मेटावर्स टेक्नोलॉजी को करीब से देखने और समझने वाली एनालिस्ट विक्टोरिया पेट्रॉक (Victoria Petrock) तो कहती हैं कि इस इन्वायरमेंट में ऑनलाइन लाइफ जैसे कि शॉपिंग और सोशल मीडिया तक सब संभव है. वे कहती हैं कि ये संपर्क की अगली क्रांति है, जिसमें लोग बिलकुल वैसी ही वर्चुअल जिंदगी जीएंगे, जैसी कि फिजिकली जीते हैं.

ये भी पढ़ें – नए जमाने का इन्वेस्टमेंट है NFT, जानें कैसे आजमाएं हाथ

मेटावर्स में आप क्या कर सकेंगे?
वह सब कुछ जो आप करना चाहते हैं. आप किसी वर्चुअल कॉन्सर्ट में जा पाएंगे. ऑनलाइन ट्रिप पर जा पाएंगे, आर्टवर्क बना पाएंगे और देख पाएंगे, डिजिटल कपड़े ट्राई करने के साथ-साथ खरीद भी पाएंगे. वर्क-फ्रॉम-होम तो मानो सामान्य सी बात हो जाएगी. घर में बैठकर भी ऐसा लगेगा, जैसे कि आप ऑफिस में बैठे हैं. कभी भी मीटिंग हो सकेगी और मीटिंग में बैठे लोगों को लगेगा कि एक कमरे में बैठकर पूरा डिस्कशन किया गया है.

फेसबुक (Meta) पहले ही एक मीटिंग सॉफ्टवेयर लॉन्च कर चुका है. हॉरिज़न वर्करूम्स (Horizon Workrooms) नाम का ये सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए है. इसे ऑक्युलस वीआर हैडसेट्स (Oculus VR headsets) के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है. ये मीटिंग के लिए ऐसा एन्वायरमेंट (वातावरण) बनाता है, कि पहली बार में यकीन कर पाना मुश्किल होता है.

Tags: Mark zuckerberg, Technology

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.